रंगों का त्योहार है रंग पचंमी, इस दिन देवी-देवता खेलते हैं होली!

रंगों का त्योहार है रंग पचंमी, इस दिन देवी-देवता खेलते हैं होली!

रंग पंचमी 2025: हिंदू धर्म में रंग पंचमी के त्‍योहार को देवताओं की होली भी कहा जाता है। भारत के कुछ हिस्‍सों जैसे कि मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र और गुजरात में रंग पंचमी का त्‍योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन देवी-देवता रंगों और अबीर के साथ होली खेलते हैं। इसी वजह से इस दिन को रंग पंचमी के नाम से जाना जाता है। चैत्र मास के कृष्‍ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का त्‍योहार मनाया जाता है।

यह हिंदुओं के प्रमुख त्‍योहारों में से एक है। एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको रंग पंचमी 2025 से जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान करेगा जैसे कि तिथि, शुभ योग और राशि अनुसार उपाय आदि। साथ ही, रंग पंचमी के महत्‍व से भी हम आपको अवगत करवाएंगे। इसके अलावा, रंग पंचमी की पौराणिक कथा के बारे में भी बताएंगे।

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रंग पंचमी 2025: तिथि एवं मुहूर्त

18 मार्च, 2025 को रात्रि 10 बजकर 12 मिनट से पंचमी तिथि शुरू होगी। 19 मार्च को रात 12 बजकर 04 मिनट पर पंचमी तिथि समाप्‍त होगी। इस प्रकार रंग पंचमी का त्‍योहार 19 मार्च को मनाया जाएगा।

इस रंग पंचमी बन रहा है शुभ योग

19 मार्च को रंग पंचमी 2025 के दिन हर्षण योग बन रहा है। 18 मार्च को शाम 04 बजकर 42 मिनट पर इस योग की शुरुआत होगी और 19 मार्च को 05 बजकर 36 मिनट पर यह योग समाप्‍त होगा। रंग पचंमी पर हर्षण योग के दौरान आप कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य आरंभ कर सकते हैं।

वैदिक ज्‍योतिष के अनुसार हर्षण एक शुभ योग है जो व्‍यक्‍ति के जीवन में सुख और सकारात्‍मकता लेकर आता है। कुंडली में लग्‍न, नौवैं और चौथे भाव के स्‍वामी के अनुकूल स्थिति में होने पर इस योग का निर्माण होता है। इस योग में जन्‍म लेने वाले जातक आशावादी और शांत स्‍वभाव के होते हैं। इनके जीवन में प्रसन्‍नता की कोई कमी नहीं होती है। इनकी सकारात्‍मक ऊर्जा इनके आसपास के लोगों को भी प्रेरित करने का काम करती है।

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रंग पंचमी 2025 का इतिहास

फाल्‍गुन माह में होली का त्‍योहार मनाया जाता रहा है। एक समय ऐसा था जब रंग पंचमी ने होली के उत्‍सव को लगभग समाप्‍त कर दिया था। होली का उत्‍साह रंग पचंमी की वजह से फीका पड़ने लगा था। हालांकि, सत्‍य तो यह है कि रंग पंचमी होली के उत्‍सव को आगे बढ़ाने का एक तरीका है। होली के त्‍योहार को अधिक दिनों तक मनाया जा सके इसलिए चैत्र मास में कृष्‍ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी मनाई जाती है।

होली की ही तरह रंग पंचमी सकारात्‍मकता और खुशियों को बांटने वाला त्‍योहार है। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार रंग पंचमी तमस और रजस पर विजय प्राप्‍त करने का प्रतीक है। इस अवसर पर देवताओं का पूजन किया जाता है।

रंग पंचमी 2025 पर इन बातों का रखें ध्‍यान

रंग पंचमी के दिन आप निम्‍न कार्य कर सकते हैं:

  • इस दिन नहाने के पानी में गंगा जल को मिलाकर स्‍नान करें। इससे आपको शुभ फल की प्राप्ति होगी।
  • रंग पचंमी पर मां लक्ष्‍मी को पुष्‍प अर्पित करें। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। मां लक्ष्‍मी के पूजन के बाद उनके आगे घी का दीया जलाएं।
  • मां लक्ष्‍मी को सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं।

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रंग पंचमी से जुड़ी पौराणिक कथा  

पौराणिक कथाओं के अनुसार प्राचीन काल में दैत्यों का राजा हिरण्यकश्यप था जो खुद को ही भगवान मानता था। एक बार उसने सभी को आदेश दिया कि वह उसकी पूजा करें और उसको ही भगवान का दर्जा दें।  हिरण्यकश्यप से भयभीत होकर सबने उसके कहे अनुसार ही शुरू करना दिया, परंतु हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रहलाद भगवान श्रीहरि विष्णु का अनन्य भक्त था और उसने अपने पिता को भगवान मानने से इनकार कर दिया। इस बात से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को मारने की कई बार कोशिश की, लेकिन प्रहलाद हर बार विष्णु जी का नाम लेने मात्र से ही बचता गया।

यह सब देखकर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को बुलाया जो कि एक राक्षसी थी और उसे वरदान मिला था कि आग उसे जला नहीं सकती थी। एक दिन जब होलिका प्रहलाद को नुकसान पहुंचाने की मंशा से उसे अपनी गोद में लेकर आग में बैठी, उस दौरान प्रहलाद विष्णु जी के नाम का जाप करता रहा और देखते ही देखते होलिका आग में जल गई और प्रहलाद उस आग से सुरक्षित बच गया। बस तभी से,होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से बुराई का अंत होता है और अच्‍छाई की जीत होती है।

रंग पंचमी 2025 अनुष्‍ठान और उत्‍सव

रंग पंचमी का त्‍योहार भारत के कई हिस्‍सों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इनमें उत्तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश और महाराष्‍ट्र का नाम शामिल है। आगे बताया गया है कि किस क्षेत्र, राज्‍य या शहर में रंग पंचमी का पर्व कैसे मनाया जाता है।

इंदौर में: इंदौर और महाराष्‍ट्र में रंग पंचमी पर शहर के कुछ खास मार्गों की परिक्रमा के साथ जुलूस भी निकाला जाता है। इस जुलूस में पानी की टंकी और रंगों की बड़ी-बड़ी पिचकारियां होती हैं। इस जुलूस में भारी संख्‍या में लोग शामिल होते हैं। इस दौरान हर कोई रंगों की खुशी में डूबा रहता है। इंदौर में इस जुलूस को गेर के नाम से जाना जाता है। इस दिन दावतें भी होती हैं।

महाराष्‍ट्र: होली के त्‍योहार के समाप्‍त होने के बाद महाराष्‍ट्र के लोग इस पंचमी को एक बड़े उत्‍सव के रूप में मनाते हैं। इस दिन रंगों से खेला जाता है। धुलंडी से लेकर पंचमी तिथि तक महाराष्‍ट्र में रंगों से होली खेली जाती है। इस दिन यहां पर पूरन पोली बनाई जाती है। महाराष्‍ट्र में मछुआरे अलग ढंग से ही रंग पंचमी का त्‍योहार मनाते हैं। यहां कई जगहों पर दही हांडी का भी आयोजन किया जाता है। इसमें मटका या हांडी फोड़ने वाले युवाओं पर महिलाएं रंग फेंकती हैं।

राजस्‍थान और गुजरात: रंग पंचमी के मौके पर राजस्थान के जैसलमेर स्थित मंदिर महल में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और रंगों से होली खेलने का भी विशेष प्रबंध किया जाता है। यहां पर लाल, नारंगी और फिरोज़ी रंगों को हवा में उड़ाने की परंपरा है।

वहीं गुजरात में रंग पंचमी 2025 पर होली के रूप में मटकी फोड़ने का रिवाज़ है। इसके अलावा,  बिहार, मथुरा, वृंदावन समेत गोकुल के मंदिरों में इस पर्व की रौनक अलग ही देखने को मिलती है।

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रंग पंचमी 2025 इन राशियों के लिए रहेगी शुभ

19 मार्च, 2025 को रंग पंचमी का त्‍योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। होली की तरह रंग पंचमी भी रंगों का त्‍योहार है। इस बार रंग पंचमी पर ग्रहों की स्थिति के अनुसार कुछ खास राशियों को सकारात्‍मक परिणाम मिलने की संभावना है:

मेष राशि

इस समय सूर्य के मीन राशि में गोचर करने की वजह से मेष राशि के जातक अधिक समझदार एवं बुद्धिमान होंगे। इससे इन्‍हें सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। प्रगति करने और नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए यह समय शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्‍वामी ग्रह शुक्र देव हैं। इस समय आपके जोश और रचनात्‍मकता में वृद्धि देखने को मिलेगी। आपके रिश्‍ते मज़बूत होंगे और आप कलात्‍मक कार्य कर सकते हैं।

मिथुन राशि

इस राशि के स्‍वामी ग्रह बुध हैं इसलिए रंग पंचमी 2025 पर मिथुन राशि के जातकों के संचार कौशल में सुधार आएगा। इस वजह से नेटवर्किंग और विचारों को साझा करने के लिए यह अनुकूल समय है। आपको करियर और निजी जीवन दोनों में ही सकारात्‍मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सिंह राशि

इस राशि के सूर्य के स्‍वामी ग्रह होने की वजह से आपकी नेतृत्‍व करने की क्षमता में इज़ाफा होगा। इस समय आपके प्रयास सफल हो सकते हैं।

धनु राशि

इस समय आप आशावादी रहेंगे और आपको प्रगति एवं विकास करने के अवसर प्राप्‍त होंगे। इस दौरान आप नए अनुभव करेंगे। आपको अपने मन की बात सुननी चाहिए।

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रंग पंचमी 2025 पर राशि अनुसार करें ये उपाय

होली के पांच दिन बाद रंग पंचमी का त्‍योहार मनाया जाता है। इस दिन आप अपनी राशि के अनुसार कुछ उपाय कर सकते हैं:

  • मेष राशि: आप लाल और केसरिया रंग से होली खेलें। इसके अलावा आपके लिए हनुमान जी को चोला चढ़ाना भी शुभ रहेगा। आप हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग भी लगा सकते हैं। आप अपने घर के मुख्‍य द्वार पर हल्‍दी से स्‍वास्तिक बनाएं। ये उपाय करने से आपके साहस और आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि देखने को मिलेगी और आप अपने कार्यों एवं प्रयासों में सफल होंगे।
  • वृषभ राशि: आप रंग पचंमी पर सफेद या गुलाबी रंग से खेलें। इसके अलावा आप मां लक्ष्‍मी की पूजा करें और रंग पचंमी 2025 के दिन चावल, मिश्री और दूध का दान करें। आप अपने घर के अंदर गुलाब जल भी छिड़क सकते हैं। ऐसा करने से आपके घर में संपन्‍नता बढ़ेगी और परिवार में खुशियां आएंगी।
  • मिथुन राशि: आप इस बार रंग पंचमी पर हरे और पीले रंग से खेलें। मिथुन राशि वाले भगवान विष्‍णु की पूजा करें। आप पक्षियों को दाना डालें। इससे आपको अपने व्‍यापार और करियर में सकारात्‍मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
  • कर्क राशि: आप रंग पचंमी पर सफेद और हल्‍के नीले रंग का उपयोग करें। आप इस दिन शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं और रुद्राभिषेक भी करें। कर्क राशि वाले गरीबों को सफेद रंग के वस्‍त्र, दूध और चावल आदि का दान करें। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और परिवार के सदस्‍यों के बीच प्‍यार बढ़ेगा।
  • सिंह राशि: इस राशि वाले नारंगी रंग का उपयोग करें। आप रंग पचंमी पर गुड़ और गेहूं का दान करें एवं सुबह सूर्य देव को जल चढ़ाएं। इस राशि के लोग भगवान विष्‍णु के मंदिर जाकर उन्‍हें पीले रंग के पुष्‍प अर्पित करें। इससे आपकी सफलता का मार्ग प्रशस्‍त होगा।
  • कन्‍या राशि: अगर आपकी कन्‍या राशि है और आपको उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य एवं करियर में उन्‍नति चाहिए तो आप रंग पंचमी के अवसर पर हरे और पीले रंग से होली खेलें। आप गाय को हरा चारा खिलाएं और दुर्गा सप्‍तशती का पाठ करें। इसके अलावा आप घर में भी गंगाजल छिड़कें।
  • तुला राशि: आप गुलाबी और सफेद रंग का प्रयोग करें। इसके अलावा आप रंग पंचमी पर मां लक्ष्‍मी को सफेद रंग का कमल अर्पित करें और उन्‍हें खीर का भोग लगाएं। आप इस दिन चंदन, इत्र और वस्‍त्र का दान करें। ऐसा करने से आपको वैवाहिक सुख प्राप्‍त होगा और आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी।
  • वृश्चिक राशि: रंग पचंमी पर वृश्चिक राशि वाले लाल और महरून रंग का उपयोग करें। इसके अलावा हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप गुड़ और तिल का दान करें। इससे आपके जीवन से नकारात्‍मक दूर होगी।
  • धनु राशि: पीले रंग का उपयोग करना आपके लिए शुभ रहेगा। आप इस दिन केले के पेड़ पर जल चढ़ाएं। आप गरीब एवं ज़रूरतमंद लोगों को पीले रंग के वस्‍त्रों का दान करें। इससे आपको अपने करियर में तरक्‍की मिलेगी।
  • मकर राशि: आप नीला रंग प्रयोग करें और शनि देव को तेल चढ़ाएं एवं गरीबों को कंबल का दान करें। आप मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस उपाय को करने से आप संपन्‍न बनेंगे।
  • कुंभ राशि: आप नीले और हरे रंग का इस्‍तेमाल करें। आप शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं। वृद्ध लोगों को भोजन का दान करें। इस उपाय को करने से आपके परिवार में सुख-शांति आएगी।
  • मीन राशि: इस राशि वाले गुलाबी और पीले रंग का उपयोग करें। आप भगवान विष्‍णु को केले का प्रसाद चढ़ाएं और गरीब लोगों को पीले रंग की मिठाई एवं वस्‍त्र दान करें। इससे आपके रिश्‍ते मज़बूत होंगे।

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. 2025 में रंग पचंमी कब है?

उत्तर. 19 मार्च, 2025 को रंग पचंमी है।

प्रश्‍न 2. रंग पंचमी पर क्‍या किया जाता है?

उत्तर. इस दिन रंगों से खेलते हैं।

प्रश्‍न 3. महाराष्‍ट्र में रंग पचंमी 2025 पर क्‍या बनता है?

उत्तर. इस दिन पूरन पोली बनाई जाती है।