मंगल का कर्क राशि में गोचर: देश-दुनिया और स्‍टॉक मार्केट में आएंगे उतार-चढ़ाव!

मंगल का कर्क राशि में गोचर: देश-दुनिया और स्‍टॉक मार्केट में आएंगे उतार-चढ़ाव!

मंगल गोचर 2025: एस्ट्रोसेज एआई की हमेशा से यही पहल रही है कि किसी भी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना की नवीनतम अपडेट हम अपने रीडर्स को समय से पहले दे पाएं और इसी कड़ी में हम आपके लिए लेकर आए हैं मंगल का कर्क राशि में गोचर से संबंधित यह खास ब्लॉग।

03 अप्रैल, 2025 को मंगल ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस ब्‍लॉग में आगे बताया गया है कि मंगल के कर्क राशि में गोचर करने पर देश-दुनिया और स्‍टॉक मार्केट में क्‍या बदलाव आएंगे। साथ ही जानेंगे कि मंगल के इस गोचर का राशियों पर क्‍या असर पड़ेगा। बता दें कि कर्क राशि में मंगल को दुर्बल माना जाता है, तो क्‍या इसका सभी चीज़ों और हर एक व्‍यक्‍ति पर नकारात्‍मक असर पड़ेगा? आगे जानिए।

हमारी शारीरिक ऊर्जा और हम दुनिया में किस तरह उस ऊर्जा को व्‍यक्‍त करते हैं, यह मंगल ग्रह नियंत्रित करता है। कार्य करना हो, खेल हो या फिर किसी चीज़ के लिए जुनून हो, यह सब मंगल पर ही निर्भर करता है। जब कुंडली में मंगल मज़बूत स्‍थान में होता है, तब व्‍यक्‍ति ऊर्जा से भरपूर और प्रेरित हो सकता है। मंगल का संबंध क्रोध, कुंठा और आक्रामकता से होता है। जब किसी जातक की कुंडली में मंगल कमज़ोर या अशुभ स्‍थान में होता है, तब उस व्‍यक्‍ति को अधीरता, आवेगशीलता या संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। यह ग्रह विवादों को बढ़ावा दे सकता है लेकिन यह अपने लिए खड़े होने का साहस भी प्रदान करता है।

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मंगल का कर्क राशि में गोचर: समय

वैदिक ज्‍योतिष के अनुसार मंगल ग्रह ऊर्जा, भूमि, प्रॉपर्टी, शक्‍ति और कार्यक्षमता का प्रतीक है। अब मंगल ग्रह 03 अप्रैल, 2025 को 01 बजकर 32 मिनट पर कर्क राशि में गोचर करने जा रहा है। मंगल कभी भी कर्क राशि में सहज नहीं होता है और इससे अप्रत्‍याशित एवं अस्थिर घटनाएं होने का खतरा रहता है। यह कई बार अप्रिय भी हो सकता है। तो चलिए अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि मंगल का कर्क राशि में गोचर करने का विश्‍व और राशियों पर क्‍या प्रभाव पड़ेगा।

मंगल का कर्क राशि में गोचर: विशेषताएं

मंगल का कर्क राशि में गोचर मंगल ग्रह के गुणों एवं ऊर्जा को कर्क राशि के भावनात्‍मक स्‍वभाव से जोड़ता है। इससे ऊर्जा को एक अनूठे तरीके से व्‍यक्‍त करने की स्थिति उत्‍पन्‍न होती है। इसमें व्‍यक्‍ति भावनाओं से प्रेरित होकर कार्य करता है और उसके अंदर दूसरों की रक्षा करने या उनकी देखभाल करने की इच्‍छा पैदा होती है। कर्क राशि में मंगल वायु या अग्नि तत्‍व की राशियों की तरह उतना आक्रामक या सीधा प्रभाव नहीं देता है बल्कि यह भावनाओं, अंतर्ज्ञान और भावनात्‍मक सुरक्षा की ज़रूरत से प्रभावित होता है। जिन लोगों की कुंडली में कर्क राशि में मंगल होता है, वे जातक अक्‍सर अपनी भावनाओं के आधार पर काम करते हैं। इनके कार्य टकराव की स्थिति उत्‍पन्‍न करने के बजाय रहस्‍यमयी, गुप्‍त या सहज हो सकते हैं।

कर्क राशि में मंगल के होने पर जातक अपने प्रियजनों की रक्षा करने और उनके लिए एक सुरक्षित माहौल बनाने की इच्‍छा रखते हैं। वे अपने परिवार, घर और अपने करीबी लोगों की देखभाल या रक्षा करने के लिए सक्रिय रहते हैं। भले ही वे टकराव करने से बचें लेकिन दूसरों की रक्षा करने की प्रवृत्ति उन्‍हें कभी-कभी दूसरों की सुरक्षा को लेकर उग्र बना सकती है। जिन लोगों की कुंडली में कर्क राशि में मंगल होता है, वे गुस्‍सा या कुंठा होने पर, इसे खुलकर या आक्रामक तरीके से व्‍यक्‍त नहीं करते हैं। ये इन भावनाओं को अपने अंदर दबा सकते हैं। ये जातक अक्‍सर अपने गुस्‍से को अपने अंदर रखते हैं जिससे समस्‍या का सामना करने के बजाय उनका स्‍वभाव चिड़चिड़ा हो सकता है या फिर वे चुपचाप चिंतन करते रहते हैं।

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मंगल का कर्क राशि में गोचर: विश्‍व पर प्रभाव

फूड एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र

  • मंगल और चंद्रमा दोनों ही खाद्य उद्योग को सहयोग करते हैं इसलिए इस गोचर के दौरान दुनियाभर के रेस्‍तरां, कैफे और होटल व्‍यवसाय में तेजी आ सकती है और वे अच्‍छा प्रदर्शन करेंगे।
  • मंगल का कर्क राशि में गोचर भावनात्‍मक प्रवृत्ति और दूसरों की देखभाल करने की आवश्‍यकता को बढ़ा सकता है जिससे हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में काम करने वाले जातकों को इस प्रवृत्ति के कारण अच्‍छे अवसर और पदोन्‍नति मिलने के आसार हैं।
  • मंगल का कर्क राशि में होना पर्यटन को बढ़ावा देता है इसलिए इस गोचर काल में पर्यटन उद्योग भी फल-फूल सकता है।
  • ट्रैवल और शिपिंग उद्योग में भी इस दौरान तेजी देखने को मिल सकती है।

सरकार और उसकी नीतियां

  • मंगल का कर्क राशि में गोचर होने पर दुनियाभर के जाने-माने नेताओं की नेतृत्‍व करने की क्षमता पर सवाल उठाए जा सकते हैं।
  • इस समय सरकार को अपनी नीतियों को प्रभावी रूप से लागू करने या सही निर्णय लेने में दिक्‍कत हो सकती है।
  • मंगल का कर्क राशि में गोचर करने के कारण सरकार के लिए कई जटिलताएं पैदा हो सकती हैं लेकिन मंगल के सिंह राशि में प्रवेश करने के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा।

आग और रसायन से जुड़ी दुर्घटनाएं

  • मंगल कर्क राशि में असहज और अस्थिर होता है इसलिए इस गोचर काल में अग्नि से संबंधित दुर्घटनाएं या रासायनिक विस्‍फोट या ऐसी अन्‍य दुर्घटनाएं अधिक हो सकती हैं।
  • इस समय रासायनिक व्‍यवसाय या रसायनों से संबंधिक उत्‍पादों के व्‍यवसाय में उछाल आ सकता है।
  • इसके अलावा फैशन उद्योग, वस्‍त्र उद्योग और कॉस्मेटिक उद्योग के मुनाफे में भी वृद्धि हो सकती है।
  • दुनियाभर और भारत के बड़े व्‍यापारी एवं राजनेता नई ऊंचाईयां छू सकते हैं।
  • भारत समेत विदेशों में भी कलाकार, मूर्तिकार और लेखक नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।

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मंगल का कर्क राशि में गोचर: स्‍टॉक मार्केट पर असर

मंगज 03 अप्रैल, 2025 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल को शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव लाने के लिए जाना जाता है इसलिए स्‍टॉक मार्केट के लिए मंगल का गोचर बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। तो चलिए जानते हैं कि अप्रैल के महीने में स्‍टॉक मार्केट में किस तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे।

  • मंगल से संबंधित क्षेत्रों में विकास देखने को मिलेगा।
  • अप्रैल के पहले सप्‍ताह के बाद सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में और भी अधिक मंदी आने की आशंका है।
  • मंदी का बाज़ार पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ने की वजह से अप्रैल 2025 के मध्‍य के बाद स्‍टॉक मार्केट में अस्थिरता आ सकती है।
  • स्‍टॉक मार्केट रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल के आखिरी सप्‍ताह में फार्मास्‍यूटिकल और सार्वजनिक क्षेत्रों में भी मंदी देखने को मिल सकती है।

मंगल का कर्क राशि में गोचर: मौसम रिपोर्ट

  • भारत और दुनिया के कई हिस्‍सों में प्राकृतिक आपदाएं आने का खतरा है जिसमें जंगल में आगे लगने और भूकंप जैसी दुर्घटनाएं अधिक देखने को मिलेंगी।
  • कुछ क्षेत्रों में सूखा और अचानक मूसालाधार बारिश की वजह से जनजीवन प्रभावित हो सकता है और मनुष्‍यों एवं जानवरों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
  • पश्चिमी क्षेत्रों और भारत के पूर्वी हिस्‍सों एवं भारतीय उपमहाद्ववीपों में बवंडर और जल से संबंधित अन्‍य प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं। इससे लोगों की जीवनशैली प्रभावित हो सकती है।
  • विश्‍व के उत्तरी एवं दक्षिणी देशों में अप्रत्‍याशित और भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

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मंगल का कर्क राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ेगा सकारात्‍मक प्रभाव

कन्‍या राशि

कन्या राशि के जातकों के तीसरे और आठवें भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं और अब मंगल लाभ के भाव यानी ग्‍यारहवें घर में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि मंगल के ग्‍यारहवें भाव में होने पर सकारात्‍मक परिणाम प्राप्‍त होते हैं और मंगल नीच अवस्‍था में होने पर भी शुभ परिणाम देता है।

आमतौर पर मंगल का कर्क राशि में गोचर होने पर सकारात्‍मक प्रभाव मिलते हैं लेकिन फिर भी हो सकता है कि आपको वो सब परिणाम न मिल पाएं, जिनकी आप उम्‍मीद करते हैं। मुमकिन है कि आपको उपलब्धि थोड़ी देर से मिले लेकिन सफलता ज़रूर मिलेगी। अगर आपकी कुंडली में अनुकूल दशा चल रही है, तो यह गोचर अत्‍यंत भाग्‍यशाली परिणाम दे सकता है। आपकी आमदनी में वृद्धि होने के संकेत हैं और अगर आपकी खुद की कंपनी है, तो आप अच्‍छा पैसा कमा सकते हैं।

इस गोचर के दौरान आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहेगा और आपके दोस्‍त आपकी मदद के लिए तैयार रहेंगे। आप अपने प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़कर आगे निकलने में सक्षम होंगे। यदि आप सेना, सुरक्षा से संबंधित सेवाओं या लाल रंग के रसायनों का काम करते हैं, तो इस गोचर का आपके ऊपर बहुत अच्‍छा प्रभाव पड़ सकता है।

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मंगल का कर्क राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ेगा नकारात्‍मक प्रभाव

मेष राशि

मेष राशि के आठवें और लग्‍न भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं। इस गोचर के दौरान मंगल आपके चौथे भाव में प्रवेश करेंगे जो कि मंगल की कमज़ोर स्थिति है। आपको इस गोचर काल में अपने घर और परिवार से संबंधित मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्‍योंकि चौथे भाव में मंगल का कर्क राशि में गोचर होना अच्‍छा नहीं होता है। इस गोचर का प्रभाव आपके रिश्‍तों और व्‍यापार पर भी देखने को मिलेगा। इससे आप अप्रिय दोस्‍ती या हानिकारक प्रभावों की ओर जा सकते हैं।

आपको घर, कार और प्रॉपर्टी से संबंधित समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। घर में अचानक परेशानियां उत्‍पन्‍न हो सकती हैं। इसके साथ ही आपको बेचैनी और मानसिक तनाव होने की भी आशंका है। इस समयावधि में आपको स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने का खतरा है इसलिए सावधान रहें। यदि आपकी मां को पहले से कोई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या है, तो उन्‍हें अधिक देखभाल और ध्‍यान देने की ज़रूरत है। इन संभावित चुनौतियों को ध्‍यान में रखकर और सही कदम उठाकर, आप इस समय को आसानी से पार कर सकते हैं।

मेष राशिफल 2025

वृषभ राशि

मंगल वृषभ राशि के सातवें और बारहवें भाव के स्‍वामी हैं जो कि अब तीसरे भाव में प्रवेश कर रहे हैं। यह मंगल के लिए कमज़ोर स्थिति है। सामान्‍य तौर पर सातवें भाव के स्‍वामी का दुर्बल होना शुभ संकेत नहीं माना जाता है। इसके कारण आपके पार्टनर को कुछ स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती हैं। वहीं अगर उनका स्‍वास्‍थ्‍य ठीक रहता है, तो आप उनके साथ कहीं घूमने जा सकते हैं और उनके साथ अच्‍छा समय बिता सकते हैं।

यदि आप साझेदारी में व्‍यवसाय करते हैं, तो आपके लिए अपने पार्टनर के साथ तालमेल बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। आप दोनों के बीच बहस या मतभेद हो सकते हैं जिसे सुलझाने के लिए धैर्य और विनम्रता से बात करने की ज़रूरत होगी। पेशेवर जीवन में अपने बिज़नेस पार्टनर के  साथ अपने संबंध को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए आप अपने पार्टनर की बात शांत रहकर सुनें और उनके नज़रिए को समझने की कोशिश करें।

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कर्क राशि

कर्क राशि के पांचवे और दसवें भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं। कर्क राशि के जातकों की कुंडली में मंगल को सबसे लाभकारी ग्रहों में से एक माना जाता है क्‍योंकि यह दो शुभ भावों का स्‍वामी है। लेकिन कर्क राशि में दुर्बल होने की वजह से यह पूरी तरह से सकारात्‍मक परिणाम देने में असमर्थ हो सकता है। इसके अलावा मंगल के कर्क राशि में पहले भाव में गोचर करने को भी लाभकारी नहीं माना जाता है। वैदिक ज्‍योतिष के अनुसार मंगल के पहले भाव में होने पर रक्‍त से संबंधित समस्‍याएं होने का खतरा रहता है। अगर आपको पहले से ही रक्‍त से संबंधित कोई समस्‍या है, तो इस गोचर काल के दौरन आपको अधिक सावधानी बरतने की ज़रूरत है।

इसके अलावा मंगल का कर्क राशि में गोचर होने के कारण आपको करियर के क्षेत्र में चुनौतियां देखनी पड़ सकती हैं। आपको बुखार या दुर्घटनाएं होने का अधिक खतरा है। इस वजह से आपको सावधानी से गाड़ी चलाने और लापरवाही न करने की सलाह दी जाती है। यदि आप केमिकल, आग या खतरनाक पदार्थों से संबंधित कोई काम करते हैं, तो आपको इस समय ज्‍यादा सावधान रहने की आवश्‍यकता है। विवाहित जातकों को अपने रिश्‍ते में तालमेल बनाए रखने और अनावश्‍यक विवादों से बचना चाहिए। इस समय आपको विपरीत लिंग के लोगों से विवाद करने से बचना चाहिए। अगर आप इन सभी बातों का ध्‍यान रखते हैं, तो मंगल का कर्क राशि में गोचर आपको अधिक सकारात्‍मक प्रभाव दे सकता है।

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सिंह राशि

सिंह राशि के चौथे और नौवें भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं। आपकी कुंडली के लिए मंगल को अत्‍यंत भाग्‍यशाली और योग कारक ग्रह माना जाता है क्‍योंकि यह आपके केंद्र और त्रिकोण भाव का स्‍वामी है। हालांकि, इस गोचर के दौरान मंगल आपके बारहवें भाव में दुर्बल रहेंगे जो कि अच्‍छी बात नहीं है।

वैदिक ज्‍योतिष में मंगल के बारहवें भाव में होने को अनावश्‍यक खर्चों और आर्थिक नुकसान के लिए जाना जाता है। अप्रत्‍याशित खर्चे, यात्रा से संबंधित व्‍यय या रोज़गार में आकस्मिक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रॉपर्टी से संबंधित मामलों को लेकर सावधान रहें क्‍योंकि असहमति या धन की हानि हो सकती है।

सिंह राशिफल 2025

मकर राशि

मंगल मकर राशि के चौथे और ग्‍यारहवें भाव का स्‍वामी है और अब मंगल का कर्क राशि में गोचर होने के दौरान वह आपके सातवें भाव में नीच अवस्‍था में रहेंगे। आपकी कुंडली में दो महत्‍वपूर्ण भावों का स्‍वामी होने के बावजूद इस समय मंगल कमज़ोर स्थि‍ति में हैं, जो कि शुभ संकेत नहीं है। आपको अपने वैवाहिक जीवन में किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए सावधानी बरतने की ज़रूरत है। 

मामूली बहस भी बड़े झगड़ों का रूप ले सकती है इसलिए इन्‍हें जल्‍द ही सुलझा लेना बेहतर रहेगा। मंगल के इस गोचर के दौरान आपको बेवजह यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर आपको पहले से ही दांत या हड्डी से संबं‍धित कोई समस्‍या है, तो ध्‍यान रखें। व्‍यवसाय से संबंधित मुद्दों से निपटते समय सावधानी बरतें। इसके अलावा वाहन और संपत्ति से जुड़े मामलों में सतर्क रहें।

 मकर राशिफल 2025

मंगल का कर्क राशि में गोचर: उपाय

मंगल के कर्क राशि में गोचर करने के दौरान आप सकारात्‍मक परिणाम पाने के लिए निम्‍न उपाय कर सकते हैं:

  • आप हनुमान जी की उपासना करें।
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।
  • गुस्‍सा करने से बचें।
  • प्रकृति के साथ समय बिताएं।
  • रक्‍तदान करें।
  • लाल मसूर की दाल, लाल रंग के वस्‍त्रों और तांबे के बर्तन आदि का दान करें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • किसी अनुभवी ज्‍योतिषी से परामर्श करने के बाद दाएं हाथ की अनामिका उंगली में लाल मूंगा रत्‍न धारण करें।

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. कितने डिग्री पर मंगल नीच का हो जाता है?

उत्तर. 28 डिग्री पर।

प्रश्‍न 2. कर्क राशि में मंगल का क्‍या महत्‍व है?

उत्तर. जिनकी कुंडली में मंगल कर्क राशि में होता है, वे जातक हमेशा दूसरों की देखभाल करने की प्रवृत्ति और देखभाल पाने की इच्‍छा रखते हैं।

प्रश्‍न 3. मंगल को और किन नामों से जाना जाता है?

उत्तर. कुजा या भूमि पुत्र।