होली के शुभ दिन लगने जा रहा है साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें अपने जीवन पर इसका प्रभाव?

होली के शुभ दिन लगने जा रहा है साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें अपने जीवन पर इसका प्रभाव!

एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए “चंद्र ग्रहण 2025” का यह विशेष ब्लॉग लेकर आया है जिसके अंतर्गत आपको चंद्र ग्रहण से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त होगी जैसे तिथि, समय आदि। बता दें कि यह साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण होगा। हम इस लेख में चंद्र ग्रहण के शुरू और समाप्त होने के समय के साथ-साथ यह ग्रहण भारत सहित देश-दुनिया में कहां-कहाँ दिखाई देगा और क्या सूतक काल मान्य होगा, इस बारे में भी विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही, सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच क्या है अंतर? इस दौरान किन सावधानियों को बरतना चाहिए और किन उपायों को करके आप ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं, इससे भी हम आपको रूबरू करवाएंगे। बता दें कि वर्ष 2025 का यह चंद्र ग्रहण होली के दिन लगने जा रहा है और इस दिन कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। आइए तो बिना देर किये आगे बढ़ते हैं और शुरुआत करते हैं चंद्र ग्रहण 2025 स्पेशल इस लेख की। 

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चंद्र ग्रहण 2025: तिथि और समय 

साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च 2025 को लगने जा रहा है और यह ग्रहण सुबह 10 बजकर 41 मिनट से शुरू होकर 02 बजकर 18 मिनट पर ख़त्म होगा। इस ग्रहण के समय चंद्र ग्रह कन्या राशि में और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान होगा।

चंद्र ग्रहण 2025: क्या होता है चंद्र ग्रहण? 

जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और इससे सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है, तो इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य पृथ्वी के आने की वजह से चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया बनती है। बता दें कि सामान्य रूप से चंद्र ग्रहण तीन तरह के होते हैं जो कि इस प्रकार हैं:

पूर्ण चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा का पूरा हिस्सा पृथ्वी द्वारा ढक लिया जाता है, तो इस स्थिति को पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं। इस दौरान चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है क्योंकि पृथ्वी सूर्य की रोशनी को फैला देती है और चन्द्रमा तक सूर्य का प्रकाश लाल तरंगों के बीच पहुंचता है।

आंशिक चंद्र ग्रहण: जब पृथ्वी चंद्रमा के केवल आंशिक भाव को ही ढक पाती है, तो इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

उपच्छाया चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा पृथ्वी की उपच्छाया से होकर गुजरता है, तो इस समय चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी कुछ अपूर्ण होती है और इस समय चंद्रमा का प्रकाश कुछ धुंधला पड़ जाता है, तो इसको ही उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहते हैं। 

हालांकि, आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण को नग्न आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन सूर्य ग्रहण को देखने के लिए सुरक्षा बरतनी होती है। अगर चंद्र ग्रहण आपके देश में लग रहा है, तो आप इसे रात के समय देख सकते हैं। 

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चंद्र ग्रहण 2025: दृश्यता और सूतक काल 

तिथिदिन तथा दिनांकचंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण शुरू होने का समय चंद्र ग्रहण समाप्त होने का समयकहाँ-कहाँ दिखाई देगा
फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमातिथि 14 मार्च 2025, शुक्रवारसुबह 10: 41 बजे सेदोपहर 02:18 बजे तकऑस्ट्रेलिया का अधिकांश भाग, यूरोप, अफ्रीका का अधिकांश भाग, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका(भारत में दिखाई नहीं देगा)

चंद्र ग्रहण 2025: सूतक काल

हिंदू धर्म में सूतक काल को महत्वपूर्ण माना जाता है और संभव है कि हमारा यह लेख पढ़ने वाले कुछ पाठकों को सूतक के विषय में जानकारी न हो। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यहां हम चंद्र ग्रहण 2025 के सूतक काल के बारे में विस्तार से बात करेंगे। सूतक काल ऐसा समय होता है जिसका आरंभ चंद्र ग्रहण से कुछ समय (09 घंटे) पहले हो जाता है और ग्रहण की समाप्ति के साथ ही सूतक समाप्त हो जाता है। सूतक को अशुभ माना गया है इसलिए इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को नहीं किया जाता है क्योंकि इस अवधि में शुभ एवं मांगलिक काम वर्जित होते हैं। इस दौरान देवी-देवताओं की प्रतिमा को स्पर्श करना, मंदिर जाना और शादी या मुंडन जैसे मांगलिक कार्य करना निषेध होता है। हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

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लक्ष्मी नारायण योग

कुंडली में जब बुध ग्रह और शुक्र देव या फिर गुरु ग्रह और बुध महाराज एक साथ एक राशि में बैठे होते हैं, उस समय लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होता है। अब बुध और शुक्र ग्रह दोनों एक साथ मीन राशि में साथ मौजूद होंगे जिसका सीधा लाभ मिथुन राशि, वृषभ राशि, धनु राशि के साथ-साथ कन्या राशि पर पड़ेगा। इन राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 

ज्योतिष में लक्ष्मी नारायण योग को बहुत शुभ राजयोग माना गया है। जो जातक अपने कार्यों में ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रयास करते हैं, उनके  जीवन में धन-समृद्धि में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। 

त्रिग्रही योग

मार्च माह में एक ऐसी स्थिति बनेगी जब मीन राशि में तीन ग्रह सूर्य, बुध और शुक्र ग्रह मौजूद होंगे। इसी क्रम में, होली यानी कि 14 मार्च, 2025 के दिन मीन राशि में एक साथ तीन ग्रह उपस्थित होंगे और ऐसे में, यह तीन ग्रह त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे। यह योग अगर कुंडली के केंद्र भावों (1,4,7,10) में बनता है, तो जातक को सफल करियर, करियर में अच्छे अवसर, सुखी वैवाहिक जीवन और एक स्थिर एवं मज़बूत आर्थिक स्थिति प्रदान करता है। लेकिन, यहां गौर करने वाली बात है कि मीन राशि में चंद्र ग्रहण नहीं लग रहा है, इसलिए इन योगों से मिलने वाले परिणामों पर ग्रहण का अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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बुधादित्य योग

ज्योतिष शास्त्र में बुधादित्य योग को बहुत ही शुभ और शक्तिशाली योग माना जाता है। यह योग कुंडली में उस समय बनता है जब बुध और सूर्य एक राशि में एक भाव में साथ बैठे होते हैं। बुधादित्य योग को शुभ योग का दर्जा प्राप्त है क्योंकि सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह बुद्धि, संचार कौशल और शक्ति को दर्शाते हैं और ऐसे में, बुधादित्य योग के निर्माण से इन गुणों के प्रभाव में वृद्धि होती है।

नीचभंग राजयोग

नीचभंग राजयोग को ऐसा योग माना जाता है जो कुंडली में किसी ग्रह की नीच अवस्था को भंग करता है। इस योग से जातक को जीवन में शक्ति, धन-समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। इस साल नीचभंग राजयोग का निर्माण मीन राशि में बुध (नीच अवस्था) और शुक्र (उच्च अवस्था) द्वारा हो रहा है।

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मेष राशि

साल का पहला चंद्र ग्रहण कन्या राशि के अंतर्गत उत्तराफालुनी नक्षत्र में लगने जा रहा है। मेष राशि उन राशियों में से है जिनके जातकों को ग्रहण सबसे ज्यादा नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। इस अवधि में मेष राशि वालों को सिरदर्द, माइग्रेन, उल्टी, मूड स्विंग और तनाव जैसी समस्याएं घेर सकती हैं। साथ ही, घर-परिवार में भी अशांति का माहौल बन सकता है। आपकी माता के साथ आपके टकराव की स्थिति जन्म ले सकती है। इसके अलावा, ग्रहण के पहले, ग्रहण के दौरान और ग्रहण के बाद इस राशि के छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में समस्या का अनुभव हो सकता है। ऐसे में, आपको ध्यान करने की सलाह दी जाती है। 

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों की कुंडली में चंद्र ग्रहण 2025 का असर आपके रचनात्मकता और कार्य-व्यापार के भाव यानी कि पांचवें भाव पर पड़ेगा। इस अवधि में आपको मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, इन जातकों को अपनी पुरानी इच्छाओं और नीतियों को छोड़कर एक नए दृष्टिकोण को अपनाना होगा। इस समय आपको दूसरों के सामने खुद को व्यक्त करने में परेशानी हो सकती है इसलिए आप रचनात्मक कार्यों या फिर मार्केटिंग से संबंधित कामों को अपने हाथ में लेने से बचें। 

मिथुन राशि

चंद्र ग्रहण 2025 का प्रत्यक्ष प्रभाव मिथुन राशि वालों के चौथे भाव पर पड़ेगा जो कि लक्ज़री, सुख-सुविधाओं और माता का भाव होता है। इस दौरान आपको अपनी माता की सेहत को लेकर सावधान रहना होगा और उनका ध्यान रखना होगा। आपकी माता को सर्दी, एलर्जी, फेफड़ों की बीमारी, डायबिटीज जैसे रोग अपना शिकार बन सकता है। इसके अलावा, इन जातकों के घर-परिवार का माहौल ख़राब रह सकता है इसलिए आपको अपने व्यवहार पर ध्यान देना होगा कि आप घर पर कैसा व्यवहार करते हैं। साथ ही, परिवार में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की कोशिश करें। इस ग्रहण का असर आपके पेशेवर जीवन के भाव यानी कि दसवें भाव पर भी पड़ेगा इसलिए आपको बॉस और सहकर्मियों के साथ बात करते समय बहुत सतर्कता बरतनी होगी। 

कर्क राशि

चंद्र ग्रहण और कुंडली में बन रही चंद्रमा-केतु की युति का प्रभाव कर्क राशि वालों के तीसरे भाव को प्रभावित कर सकता है जो कि साहस को दर्शाता है। ऐसे में, आपको जीवन के बड़े फैसले लेने से बचना होगा क्योंकि इस समय आपका आत्मविश्वास कमज़ोर रहेगा और आप खुद पर संदेह करते हुए दिखाई दे सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपके द्वारा सही निर्णय लेने की संभावना बहुत कम है। कर्क राशि के जातकों का मन इस समय उदासीनता से भरा रह सकता है और ऐसे में, आपका अपनी पसंद का काम करने का भी मन नहीं करेगा, इसलिए आपको खुद को और अपनी पसंद की चीज़ों को वक़्त देने की सलाह दी जाती है।

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सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों की कुंडली में चंद्र देव और केतु ग्रह आपके दूसरे भाव में मौजूद होंगे। ऐसे में, इस स्थिति का नकारात्मक प्रभाव आपकी बचत और धन से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है। साथ ही, इन लोगों के खर्चे भी बेतहाशा बढ़ने की संभावना है और आपको अपने शब्दों को लेकर बहुत सावधान रहना होगा क्योंकि आपकी बातों का गलत अर्थ निकाला जा सकता है या फिर समाज में आपके इरादों पर सवाल खड़े किये जा सकते हैं। आपकी राशि में दरिद्र योग भी बन रहा है। 

कन्या राशि

कन्या राशि वालों की कुंडली में केतु और चंद्र ग्रह की युति का निर्माण आपके लग्न/पहले भाव में हो रहा है। इसके फलसवरप, इन जातकों को जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, सिर दर्द और माइग्रेन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं आपको अपनी चपेट में ले सकती हैं इसलिए अपना ध्यान रखें।  

तुला राशि

चंद्र ग्रहण 2025 तुला राशि वालों को जीवन में विदेश से व्यापार और धर्म-कर्म के कार्यों से संतुष्टि देने का काम करेगा। इस अवधि में आपका आत्मविश्वास मज़बूत होगा और आप अपनी चमक बिखेरते हुए दिखाई देंगे। हालांकि, इन लोगों को परिवार के सदस्यों की सेहत पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा क्योंकि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। हालांकि, आपका आत्मविश्वास आपको इन सभी समस्याओं से बाहर आने में सहायता करेगा। इसके अलावा, तुला राशि के लोगों को अपने सामाजिक जीवन के साथ-साथ अपने बड़े भाई-बहनों के साथ रिश्ते पर भी ध्यान देने की सलाह दी जाती है क्योंकि आपको कुछ उतार-चढ़ावों का सामान करना पड़ सकता है। 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि वालों को चंद्र ग्रहण के दौरान चोरी, रोग, कर्ज़ या फिर अज्ञात शत्रुओं की तरफ से समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। बता दें कि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चंद्र देव आपके नौवें भाव के स्वामी हैं और ऐसे में, आपको भाग्य का साथ न मिलने की आशंका है। आप पर कर्ज़ बढ़ सकता है और आर्थिक समस्याएं भी आप पर हावी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में भी आपको सहकर्मियों या प्रतिद्वंदियों की तरह से परेशानियां बढ़ सकती हैं। साथ ही, इन जातकों का पिता, टीचर या मेंटर के साथ विवाद हो सकता है और ऐसे में, आपको सावधान रहना होगा। 

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धनु राशि 

चंद्र ग्रहण 2025 की अवधि में धनु राशि के जातकों को मानसिक और मूड स्विंग जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं क्योंकि चंद्र देव आपकी कुंडली के आठवें भाव के स्वामी हैं जो आपके दसवें भाव में मौजूद होंगे। ऐसे में, यह आपको नकारात्मक रूप से प्रभावित करेंगे। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपको कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है या फिर आपको वरिष्ठों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव झेलना पड़ सकता है। ऐसे में, आप तनाव में दिखाई दे सकते हैं। इस समय आपका पेशेवर या निजी जीवन चिंता का विषय बन सकता है।

मकर राशि 

मकर राशि वालों के लिए चंद्र ग्रह आपके विवाह और साझेदारी के भाव यानी कि सातवें भाव के स्वामी हैं जो कि आपके नौवें भाव में केतु के साथ युति करेंगे। कुंडली के नौवें भाव में चंद्र और केतु ग्रह की एक साथ मौजूदगी को ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है। यह आपको अध्यात्म के रास्ते पर लेकर जा सकते हैं, लेकिन चंद्र ग्रहण 2025 के दौरान पिता के साथ संबंध आपको तनाव देने का काम कर सकते हैं या फिर पिता या मेंटर के साथ विचारों को लेकर आपको असहमति देखने को मिल सकती है। अगर आप किसी भी तरह के मानसिक रोग से जूझ रहे हैं, तो आपको चंद्र ग्रहण के दौरान बहुत सावधानी बरतनी होगी। साथ ही, आपके पिता का स्वास्थ्य भी अच्छा नहीं रहने की संभावना है इसलिए उनकी सेहत का ध्यान रखें। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए चंद्र देव आपके छठे भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके आठवें भाव में केतु के साथ उपस्थित होंगे। हालांकि, आप ऐसे व्यक्ति होंगे जो अपने जीवन में आराम और सुख-सुविधाओं को महत्व देते हैं, लेकिन कुंडली के आठवें भाव में केतु और चंद्र की युति के प्रभाव की वजह से आप निराश महसूस कर सकते हैं। 

इस अवधि में कभी-कभी आप ख़ूब मेहनत करेंगे और कभी-कभी आप चीज़ों को उनके हाल पर छोड़ सकते हैं। ऐसे में, आप लक्ष्यों से भटक सकते हैं। साथ ही, इस समय आपके रिश्ते भाई-बहन के साथ थोड़े ख़राब हो सकते हैं और आप अपने कार्यों पर संदेह करते हुए नज़र आ सकते हैं क्योंकि आपमें साहस की कमी रह सकती है। इसके अलावा, आर्थिक जीवन में भी समस्याएं जन्म ले सकती हैं। 

मीन राशि 

मीन राशि के उन जातकों के लिए चंद्र ग्रहण 2025 अनुकूल रहेगा जिनका संबंध ज्योतिष, टैरो रीडिंग और हीलिंग आदि से है। साथ ही, यह अवधि ट्रेवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए भी फलदायी रहेगी। चंद्र ग्रहण 2025 नाविकों और मर्चेंट नेवी से संबंध रखने वाले लोगों के लिए लाभदायक साबित होगा। साथ ही, इस अवधि को लेखकों के लिए भी शुभ कहा जाएगा क्योंकि उनकी रचनात्मकता में वृद्धि होगी जिसकी झलक आपके काम में भी दिखाई देगी।

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चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानियां 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण का प्रभाव मनुष्य जीवन को गहनता से प्रभावित करता है, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को। ऐसे में, ग्रहण के दौरान गर्भवती स्त्रियों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ग्रहण काल में बरती जाने वाली सावधानियां परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती हैं। यहां हम आपको ज्योतिषियों द्वारा बताई गई उन सावधानियों के बारे में बताएंगे जिनका गर्भवती महिलाओं को पालन करना चाहिए।

स्वयं की देखभाल करें:

  • आराम करें: गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण 2025 के दौरान आराम करना चाहिए और बहुत ज्यादा मेहनत करने से बचना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान निकलने वाली ऊर्जा काफ़ी तीव्र होती है इसलिए आपको आराम के साथ-साथ ध्यान करने की सलाह दी जाती है। 
  • ख़ूब पानी पिएं: गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ और हाइड्रेट रहने के लिए ख़ूब पानी पीना चाहिए।

जल्दबाज़ी में निर्णय लेने से बचें 

  • चंद्र ग्रहण काल को परिवर्तन की अवधि माना जाता है  इसलिए इस दौरान जीवन से जुड़े बड़े फैसले लेने से परहेज़ करें या फिर कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू करने से बचें क्योंकि ग्रहण काल की ऊर्जा में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है इसलिए इस समय को बड़े फैसलों के लिए सही नहीं कहा जा सकता है।
  • जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें इस अवधि में ऐसे लक्ष्य निर्धारित करने से बचना होगा जो आपके जीवन में बड़े बदलाव लेकर आ सकते हैं। 

नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए घर में रहें 

  • गर्भवती महिलाओं को तनाव और नकारात्मक परिस्थितियों से दूर रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसकी वजह से आप भावनात्मक रूप से परेशान रह सकती हैं। ऐसे में, आप शांत रहें और सकारात्मक लोगों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।
  • भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहने और अपने एवं संतान की भलाई के लिए मतभेद या विवाद से बचें।

 धार्मिक अनुष्ठान 

  • कई ज्योतिषियों द्वारा ग्रहण के दौरान अनेक कार्यों जैसे कि मोमबत्ती जलाना, अगरबत्ती का उपयोग करना या फिर मूनस्टोन, एमेथिस्ट या रोज़ क्वार्ट्ज आदि का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है ताकि आप नकारात्मकता से सुरक्षा प्राप्त कर सकें और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहें।
  • वहीं, आप चाहे तो ग्रहण काल के दौरान किसी पवित्र स्थान पर ध्यान कर सकते हैं या फिर आराम कर सकते हैं।

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व्रत करने से बचें 

  • मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान कुछ विशेष खाद्य वस्तुओं या खानपान का त्याग करने से नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं को व्रत नहीं करना चाहिए और व्रत करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। 

ग्रहण नग्न आँखों से देखने से बचें 

  • ज्योतिष शास्त्र किसी भी इंसान को चंद्र ग्रहण बिना किसी सावधानी के नग्न आंखों से देखने की सलाह नहीं देता है। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण की तीव्र ऊर्जा आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के संपर्क में आने से बचने और घर में आराम करने की सलाह दी जाती है। 

चंद्र ग्रह की ऊर्जा से जुड़ें

  • कुछ गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण की ऊर्जा से जुड़ने का चुनाव करती हैं।  इस अवधि का उपयोग व्यक्तिगत सोच-विचार करने या स्वयं और अपनी संतान को स्वस्थ रखने के लिए धार्मिक कार्य कर सकती हैं। ऐसे में, इस दौरान आप ध्यान,  अफर्मेशन और जर्नल लिखना आदि काम कर सकती हैं जिससे ग्रहण की परिवर्तनकारी ऊर्जा का उपयोग आप सही दिशा में कर सकेंगी। 

शांत रहें और तनाव से बचें 

  • चंद्र ग्रहण के दौरान अक्सर भावनाओं में उफ़ान देखने को मिलता है। ऐसे में, गर्भवती महिलाओं को इस दौरान मूड स्विंग हो सकते हैं इसलिए आपको एकाग्र रहने के साथ-साथ शांत रहना होगा। साथ ही, तनाव से बचते हुए भरपूर आराम करने की सलाह दी जाती है। 
  • जैसे कि हम सभी जानते हैं कि ज्योतिष, विज्ञान की बजाय विश्वास और मान्यताओं पर आधारित है। ऐसे में, ज्योतिष की विभिन्न मान्यताएं गर्भवती महिलाओं के लिए फलदायी साबित होती हैं जिसके माध्यम से वह अपनी सेहत को अच्छा रख सकती हैं। हालांकि, आप स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी परामर्श के लिए डॉक्टर की राय ले सकते हैं। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. चंद्र ग्रहण क्या होता है?

जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और ऐसे में, चंद्रमा पर सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच पाता है, इसे ही चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

2. किस राशि में चंद्र ग्रहण 2025 लगेगा?

साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण कन्या राशि में लगने जा रहा है। 

3. चंद्र ग्रहण 2025 किस नक्षत्र में लगेगा?

इस साल का पहला चंद्र ग्रहण उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।